Patna Airport : पटना से उड़ेगा इंटरनेशनल फ्लाइट, एयरपोर्ट पर लगेगा रडार; जानिए क्या है पूरी खबर-01 Feb 2026

पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमानों के संचालन को सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए रडार लगाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिला प्रशासन ने रडार के लिए ICAR और BIADA की जमीन एयरपोर्ट को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी है।
हमारी मांग (बिहार से डायरेक्ट इंटरनेशनल फ्लाइट्स) को कैसे मदद मिलेगी?

यह अपडेट हमारी मांग के लिए सकारात्मक है क्योंकि:

  • तकनीकी बाधा हटेगी: रडार इंस्टॉलेशन इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए जरूरी है, जो वर्तमान में नहीं है। इससे पटना से गल्फ देशों (सऊदी, दुबई आदि) या अन्य जगहों की डायरेक्ट उड़ानें संभव हो सकेंगी।

  • मोमेंटम बढ़ेगा: 6 महीने की टाइमलाइन से हम पेटिशन और कैंपेन में दबाव बना सकते हैं कि सरकार ASA (एयर सर्विस एग्रीमेंट) में पटना को शामिल करे और एयरलाइंस को प्रोत्साहित करे।

  • समर्थन जुटाने में मदद: इस न्यूज को सोशल मीडिया पोस्ट्स, ईमेल्स या विधानसभा प्रश्नों में इस्तेमाल कर हम दिखा सकते हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो रहा है, अब सिर्फ राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है। इससे 1 लाख साइनेचर का लक्ष्य जल्दी हासिल हो सकता है, और विपक्ष/केंद्र पर दबाव बढ़ेगा।

  • गौरतलब है कि फिलहाल पटना एयरपोर्ट पर विमानों का संचालन विजुअल और नेविगेशन सिस्टम के सहारे किया जा रहा है। यहां से प्रतिदिन लगभग 45 जोड़ी विमानों की आवाजाही होती है। हाल के वर्षों में करीब 1200 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक नया टर्मिनल भवन बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन रडार की अनुपस्थिति के कारण उड़ानों की संख्या और समय-सारिणी सीमित बनी हुई है। खासकर खराब मौसम, कोहरे और कम दृश्यता के दौरान विमानों के संचालन में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।

  • एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, रडार लगने के बाद एक ही रनवे पर अधिक विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ संभव हो सकेगी। रडार से एयर ट्रैफिक कंट्रोल को रियल टाइम डेटा मिलेगा, जिससे विमान की सटीक लोकेशन, गति और आपसी दूरी पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। इससे न केवल सुरक्षा स्तर बढ़ेगा, बल्कि उड़ानों में देरी और रद्द होने की समस्या में भी कमी आएगी।